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Sanskrit recitation
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ह्रींकारासनगर्भितानलशिखां सौः क्लीं कळां बिभ्रतीं
सौवर्णांबरधारिणीं वरसुधाधौतां त्रिणेत्रोज्ज्वलाम् |
वंदे पुस्तकपाशमंकुशधरां स्रग्भूषितामुज्ज्वलां
त्वां गौरीं त्रिपुरां परात्परकळां श्रीचक्रसंचारिणीम् ||
अस्य श्रीशुद्धशक्तिमालामहामंत्रस्य, उपस् ॥ 1 ॥
ंद्रियाधिष्ठायी वरुणादित्य ऋषिः, दैवी गायत्री छंदः, सात्त्विक ककारभट्टारकपीठस् ॥ 2 ॥
त कामेश्वरांकनिलया महाकामेश्वरी श्री ललिता भट्टारिका देवता, ऐं बीजं क्लीं शक्तिः सौः कीलकं मम खड्गसिद्ध्यर् ॥ 3 ॥
सर्वाभीष्टसिद्ध्यर् ॥ 4 ॥
जपे विनियोगः |
मूलमंत्रेण षडंगन्यासं कुर्यात् ||
ध्यानम् |
तादृशं खड्गमाप्नोति येन हस्तस् ॥ 5 ॥
तेनवै |
अष्टादशमहाद्वीपसम्राड्भोक्ताभविष्यति ||
आरक्ताभां त्रिनेत्रामरुणिमवसनां रत्नताटंकरम्यां |
हस्तांभोजैस्सपाशांकुशमदन धनुस्सायकैर्विस्फुरंतीम् |
आपीनोत्तुंगवक्षोरुहकलशलुठत्तारहारोज्ज्वलांगीं |
ध्यायेदंभोरुहस् ॥ 6 ॥
मरुणिमवसनामीश्वरीमीश्वराणाम् ||
लमित्यादि पंच पूजां कुर्यात्, य ॥ 7 ॥
शक्ति मूलमंत्रं जपेत् |
लं – पृ ॥ 8 ॥
नित्यादेवताः-१६)
कामेश्वरि, भगमालिनि, नित्यक्लिन्ने, भेरुंडे, वह्निवासिनि, महावज्रेश्वरि, शिवदूति, त्वरिते, कुलसुंदरि, नित्ये, नीलपताके, विजये, सर्वमंगळे, ज्वालामालिनि, चित्रे, महानित्ये,
(दिव्यौघगुरवः-७)
परमेश्वरपरमेश्वरि, मित्रेशमयि, षष्ठीशमयि, उड्डीशमयि, चर्याना ॥ 10 ॥
यि, लोपामुद्रामयि, अगस्त्यमयि,
(सिद्धौघगुरवः-४)
कालतापनमयि, धर्माचार्यमयि, मुक्तकेशीश्वरमयि, दीपकळाना ॥ 11 ॥
यि,
(मानवौघगुरवः-८)
विष्णुदेवमयि, प्रभाकरदेवमयि, तेजोदेवमयि, मनोजदेवमयि, कळ्याणदेवमयि, वासुदेवमयि, रत्नदेवमयि, श्रीरामानंदमयि,
(श्रीचक्र प्र ॥ 12 ॥
वरणदेवताः-१६)
सर्वसंक्षोभिणि, सर्वविद्राविणि, सर्वाकर्षिणि, सर्वह्लादिनि, सर्वसम्मोहिनि, सर्वस्तंभिनि, सर्वजृंभिणि, सर्ववशंकरि, सर्वरंजनि, सर्वोन्मादिनि, सर्वार् ॥ 14 ॥
ाधिके, सर्वसंपत्तिपूरणि, सर्वमंत्रमयि, सर्वद्वंद्वक्षयंकरि, सर्वसौभाग्यदायकचक्रस्वामिनि, संप्रदाययोगिनि,
(श्रीचक्र पंचमावरणदेवताः-१२)
सर्वसिद्धिप्रदे, सर्वसंपत्प्रदे, सर्वप्रियंकरि, सर्वमंगळकारिणि, सर्वकामप्रदे, सर्वदुःखविमोचनि, सर्वमृत्युप्रशमनि, सर्वविघ्ननिवारिणि, सर्वांगसुंदरि,
सर्वसौभाग्यदायिनि, सर्वार् ॥ 15 ॥
स्मरणात्पापनाशिनी ||
ललिताया महेशान्या माला विद्यामहीयसी |
नरवश्यं नरेंद्राणां वश्यं नारीवशंकरम् ||
अणिमादिगुणैश्वर्यं रंजनं पापभंजनम् |
तत्तदावरणस् ॥ 17 ॥
यि देवताबृंदमंत्रकम् ||
मालामंत्रं परं गुह्यं परंधाम प्रकीर्तितम् |
शक्तिमाला पंचधा स्याच्छिवमाला च तादृशी ||
तस्माद्गोप्यतराद्गोप्यं रहस्यं भुक्तिमुक्तिदम् ||
इति श्रीवामकेश्वरतंत्रे उमामहेश्वरसंवादे श्री देवीखड्गमालास्तोत्ररत्नम् | ॥ 18 ॥
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హ్రీంకారాసనగర్భితానలశిఖాం సౌః క్లీం కళాం బిభ్రతీం
సౌవర్ణాంబరధారిణీం వరసుధాధౌతాం త్రిణేత్రోజ్జ్వలామ్ |
వందే పుస్తకపాశమంకుశధరాం స్రగ్భూషితాముజ్జ
హ్రీంకారాసనగర్భితానలశిఖాం సౌః క్లీం కళాం బిభ్రతీం
సౌవర్ణాంబరధారిణీం వరసుధాధౌతాం త్రిణేత్రోజ్జ్వలామ్ |
వందే పుస్తకపాశమంకుశధరాం స్రగ్భూషితాముజ్జ
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த
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தமிழ்
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ஹ்ரீங்காராஸநக³ர்பி⁴தானலஶிகா²ம்ʼ ஸௌ꞉ க்லீம்ʼ களாம்ʼ பி³ப்⁴ரதீம்ʼ
ஸௌவர்ணாம்ப³ரதா⁴ரிணீம்ʼ வரஸுதா⁴தௌ⁴தாம்ʼ த்ரிணேத்ரோஜ்ஜ்வலாம் |
வந்தே³ புஸ்தகபாஶம
ஹ்ரீங்காராஸநக³ர்பி⁴தானலஶிகா²ம்ʼ ஸௌ꞉ க்லீம்ʼ களாம்ʼ பி³ப்⁴ரதீம்ʼ
ஸௌவர்ணாம்ப³ரதா⁴ரிணீம்ʼ வரஸுதா⁴தௌ⁴தாம்ʼ த்ரிணேத்ரோஜ்ஜ்வலாம் |
வந்தே³ புஸ்தகபாஶம
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ಕ
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ಕನ್ನಡ
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ಹ್ರೀಂಕಾರಾಸನಗರ್ಭಿತಾನಲಶಿಖಾಂ ಸೌಃ ಕ್ಲೀಂ ಕಳಾಂ ಬಿಭ್ರತೀಂ
ಸೌವರ್ಣಾಂಬರಧಾರಿಣೀಂ ವರಸುಧಾಧೌತಾಂ ತ್ರಿಣೇತ್ರೋಜ್ಜ್ವಲಾಂ |
ವಂದೇ ಪುಸ್ತಕಪಾಶಮಂಕುಶಧರಾಂ ಸ್ರಗ್ಭೂಷಿತಾಮುಜ್ಜ್
ಹ್ರೀಂಕಾರಾಸನಗರ್ಭಿತಾನಲಶಿಖಾಂ ಸೌಃ ಕ್ಲೀಂ ಕಳಾಂ ಬಿಭ್ರತೀಂ
ಸೌವರ್ಣಾಂಬರಧಾರಿಣೀಂ ವರಸುಧಾಧೌತಾಂ ತ್ರಿಣೇತ್ರೋಜ್ಜ್ವಲಾಂ |
ವಂದೇ ಪುಸ್ತಕಪಾಶಮಂಕುಶಧರಾಂ ಸ್ರಗ್ಭೂಷಿತಾಮುಜ್ಜ್
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മ
Malayalam
മലയാളം
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ഹ്രീങ്കാരാസനഗർഭിതാനലശിഖാം സൗഃ ക്ലീം കളാം ബിഭ്രതീം
സൗവർണാംബരധാരിണീം വരസുധാധൗതാം ത്രിണേത്രോജ്ജ്വലാം |
വന്ദേ പുസ്തകപാശമങ്കുശധരാം സ്രഗ്ഭൂഷിതാമുജ്ജ
ഹ്രീങ്കാരാസനഗർഭിതാനലശിഖാം സൗഃ ക്ലീം കളാം ബിഭ്രതീം
സൗവർണാംബരധാരിണീം വരസുധാധൗതാം ത്രിണേത്രോജ്ജ്വലാം |
വന്ദേ പുസ്തകപാശമങ്കുശധരാം സ്രഗ്ഭൂഷിതാമുജ്ജ
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ह्रींकारासनगर्भितानलशिखां सौः क्लीं कळां बिभ्रतीं
सौवर्णांबरधारिणीं वरसुधाधौतां त्रिणेत्रोज्ज्वलाम् |
वंदे पुस्तकपाशमंकुशधरां स्रग्भूषितामुज्ज
ह्रींकारासनगर्भितानलशिखां सौः क्लीं कळां बिभ्रतीं
सौवर्णांबरधारिणीं वरसुधाधौतां त्रिणेत्रोज्ज्वलाम् |
वंदे पुस्तकपाशमंकुशधरां स्रग्भूषितामुज्ज
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सं
Sanskrit
संस्कृतम्
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ह्रींकारासनगर्भितानलशिखां सौः क्लीं कळां बिभ्रतीं
सौवर्णांबरधारिणीं वरसुधाधौतां त्रिणेत्रोज्ज्वलाम् |
वंदे पुस्तकपाशमंकुशधरां स्रग्भूषितामुज्ज
ह्रींकारासनगर्भितानलशिखां सौः क्लीं कळां बिभ्रतीं
सौवर्णांबरधारिणीं वरसुधाधौतां त्रिणेत्रोज्ज्वलाम् |
वंदे पुस्तकपाशमंकुशधरां स्रग्भूषितामुज्ज
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বা
Bengali
বাংলা
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হ্রীঙ্কারাসনগর্ভিতানলশিখাং সৌঃ ক্লীং কল়াং বিভ্রতীং
সৌবর্ণাম্বরধারিণীং বরসুধাধৌতাং ত্রিণেত্রোজ্জ্বলাম্ |
বন্দে পুস্তকপাশমঙ্কুশধরাং স্রগ্ভূষিতা
হ্রীঙ্কারাসনগর্ভিতানলশিখাং সৌঃ ক্লীং কল়াং বিভ্রতীং
সৌবর্ণাম্বরধারিণীং বরসুধাধৌতাং ত্রিণেত্রোজ্জ্বলাম্ |
বন্দে পুস্তকপাশমঙ্কুশধরাং স্রগ্ভূষিতা
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म
Marathi
मराठी
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ह्रींकारासनगर्भितानलशिखां सौः क्लीं कळां बिभ्रतीं
सौवर्णांबरधारिणीं वरसुधाधौतां त्रिणेत्रोज्ज्वलाम् |
वंदे पुस्तकपाशमंकुशधरां स्रग्भूषितामुज्ज
ह्रींकारासनगर्भितानलशिखां सौः क्लीं कळां बिभ्रतीं
सौवर्णांबरधारिणीं वरसुधाधौतां त्रिणेत्रोज्ज्वलाम् |
वंदे पुस्तकपाशमंकुशधरां स्रग्भूषितामुज्ज
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Frequently asked questions
What is Devi Khadgamala Stotram Lyrics: A Powerful Hymn of Divine Protection in Sanskrit?
This is a sacred Hindu hymn dedicated to the deity. It is traditionally recited on Auspicious days for spiritual benefit.
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